न फोन, न रेडियो, न इंटरनेट… फिर पुराने जमाने में बाढ़ और भूस्खलन की खबर गांवों तक कैसे पहुंचती थी?
पुराने समय में पहाड़ों पर आपदा की खबर पहुंचाने के लिए लोग आवाज, रोशनी, धुआं और अलग-अलग तरह के संकेतों का इस्तेमाल करते थे. 1894 में Alpine Club ने पहाड़ों पर फंसे लोगों के लिए एक खास Alpine Distress Signal तय किया था. इसमें मदद मांगने वाला व्यक्ति एक मिनट में छह बार संकेत देता था और जवाब में तीन संकेत देकर बताया जाता था कि संदेश मिल गया है. इसी तरह 1924 के एवरेस्ट अभियान में Noel Odell और J. de Vere Hazard ने बर्फ पर कंबल और स्लीपिंग बैग रखकर संकेत बनाए. Odell ने बर्फ पर ‘T’ का निशान बनाकर बताया कि उन्हें Mallory और Irvine के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली.
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